गाजीपुर। भांवरकोल थाना क्षेत्र के तरांव गांव में मोनू कुशवाहा की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अपेंडिक्स फटने के कारण हुई उनकी मौत से पत्नी के सामने चार छोटे बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। मृतक का सबसे बड़ा बेटा महज आठ साल का है। पिता का साया उठने से परिवार गहरे सदमे में है।
परिवार के इस दुख की घड़ी में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय तरांव गांव स्थित मोनू कुशवाहा के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान पत्नी का करुण विलाप सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पीड़ित महिला को अपनी बहन बताते हुए अतुल राय ने भरोसा दिलाया कि भले ही दुनिया छोड़कर चले गए व्यक्ति को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसके बच्चों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “तुम मेरी बहन हो। तुम्हारे बेटे और बिटिया की जिम्मेदारी अब तुम्हारा यह भाई लेता है।” अतुल राय के इस आश्वासन से दुख में डूबे परिवार को संबल देने की कोशिश की गई। चार मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच यह भरोसा परिवार के लिए सहारे की उम्मीद बनकर सामने आया है। अतुल राय ने दिवंगत मोनू कुशवाहा की आत्मा की शांति और शोकाकुल पत्नी को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
