गाजीपुर में एचआईवी-एड्स नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला

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गाजीपुर। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (UPSACS) और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यशाला में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार संबंधी जानकारी दी गई।

कार्यशाला में एचआईवी की वर्तमान स्थिति, 95-95-99 लक्ष्य, एचआईवी परामर्श एवं परीक्षण, एसटीआई और सिफलिस प्रबंधन, एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (ART), एचआईवी-टीबी सह-संक्रमण, वायरल लोड मॉनिटरिंग और उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए रोकथाम सेवाओं पर चर्चा हुई। साथ ही एचआईवी से संबंधित भेदभाव की रोकथाम और एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

मास्टर ट्रेनर डॉ. नीतू गुप्ता, PHFI के कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट राजेश रंजन, कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर नीरज श्रीवास्तव और दिशा टीम की सीएसओ पूनम गुप्ता ने प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया। केस स्टडी, समूह चर्चा और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को जिला स्तर पर एचआईवी सेवाओं के प्रभावी संचालन, मरीजों को उपचार से जोड़ने तथा रेफरल और फॉलोअप की जानकारी दी गई।

कार्यशाला में डिप्टी सीएमओ एवं डीटीओ डॉ. रवि रंजन, डिप्टी डीटीओ डॉ. रवि रंजन द्वितीय, एसीएमओ डॉ. जेएन सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. राम कुमार और डॉ. संजय कुमार सहित डीडीएम रघुनाथ, डीपीसी डॉ. एमके सिंह और डीपीएम विवेक सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-ट्रेनिंग आकलन किया गया और उनसे फीडबैक लिया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य जिले में एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाना, स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और निर्धारित 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रयासों को गति देना रहा।