गाजीपुर। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के एकीकृत डिजिटल समाधान के लिए लोगो, वेबसाइट और पोर्टल का अनावरण बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन, लखनऊ से किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा के साथ ही निगम की गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में विकास भवन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय समेत विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की ओर से बीओसीडब्ल्यू के लाभार्थियों को डेमो चेक और सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट वितरित की गई। राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि यह दिन प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों से कर्मचारी कम मानदेय, समय पर वेतन न मिलने और बिचौलियों के शोषण जैसी समस्याओं से परेशान थे। आउटसोर्स सेवा निगम के गठन, डिजिटल पोर्टल, वेबसाइट और लोगो के अनावरण से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि अब मानदेय सीधे कर्मचारियों के खातों में पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। पोर्टल के माध्यम से भर्ती और भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी होगी। इससे कर्मचारियों का शोषण कम होगा और उनका मनोबल बढ़ेगा। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने सफाई कर्मचारियों को शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सुरक्षा किट वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद गाजीपुर आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी। जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स सेवा निगम के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि अब आउटसोर्स भर्तियां सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। कर्मियों को निर्धारित मानदेय सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा और किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की पांच तारीख तक पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किए जाने की व्यवस्था है। चयन में तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं समेत स्थानीय निवासियों को शासनादेश के अनुसार वरीयता दिए जाने का भी प्रावधान है। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मी उपस्थित रहे।
यह दिन प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक- डॉ.संगीता बलवंत
