गाजीपुर। महात्मा ज्योतिराव फुले पब्लिक स्कूल, जगदीशपुरम, गाजीपुर के सभागार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को विद्यालय की संस्थापक सदस्य एवं जय माँ धनौती मेमोरियल ट्रस्ट, अलावलपुर की पूर्व कोषाध्यक्ष स्वर्गीय बसंती देवी की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वर्गीय बसंती देवी के साथ-साथ विद्यालय की स्थापना एवं विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व सांसद जगदीश सिंह कुशवाहा ने स्वर्गीय बसंती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बसंती देवी एक साहसी एवं निर्भीक महिला थीं। उनका स्वभाव शांत, मिलनसार एवं दयालु था। बड़ों के प्रति उनके मन में सदैव आदर तथा छोटों के प्रति प्रेम की भावना रहती थी। वे दूसरों के दुख-दर्द को समझने और उनकी सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती थीं। उन्होंने कहा कि औपचारिक शिक्षा से वंचित होने के बावजूद स्वर्गीय बसंती देवी शिक्षा के महत्व को भली-भांति समझती थीं और विद्यालय के विकास के प्रति सदैव समर्पित रहीं। उन्होंने शिक्षा की जो ज्योति प्रज्वलित की, वह अद्वितीय है। विद्यालय को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका अग्रणी एवं अविस्मरणीय रही है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए जगदीश सिंह कुशवाहा ने विद्यालय की स्थापना के संघर्षपूर्ण दौर का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी के साथ कदम-कदम मिलाकर चलते हुए उन्होंने विद्यालय खोलने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय खोलना केवल एक शिक्षण संस्था का निर्माण करना नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने का कार्य है। विद्यालय की स्थापना सबसे बड़ी सामाजिक सेवा है। उन्होंने विद्यालय की स्थापना से लेकर उसके वर्तमान स्वरूप तक पहुँचाने में योगदान देने वाले सभी पूर्वजों, सहयोगियों एवं परिवार के सदस्यों के त्याग और समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि अनेक लोगों के त्याग, परिश्रम और संकल्प के परिणामस्वरूप आज यह शिक्षण संस्था मजबूती के साथ खड़ी है। विद्यालय की नींव से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राजेश कुशवाहा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपनी माता स्वर्गीय बसंती देवी एवं अपने पूर्वजों को नम आँखों से स्मरण किया। उन्होंने उनके त्याग, संघर्ष, संस्कार एवं शिक्षा के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा देखे गए सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विद्यालय को निरंतर आगे बढ़ाने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा करने के लिए अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी स्वर्गीय बसंती देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा विद्यालय की स्थापना एवं विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर रामधारी यादव(पूर्व सपा जिलाध्यक्ष), गोपाल यादव(वर्तमान सपा जिलाध्यक्ष), केसरी यादव, कमलेश यादव, गुलाब राम, जयप्रकाश कुशवाहा, राम अवध, नरेंद्र, अनिल अहमद, अमित ठाकुर, सुभाष कुशवाहा, सदानंद, सियाराम, रामनिवास, अवधेश, सूर्यनाथ, रामबचन, रामधारी एवं अशोक कुशवाहा सहित विद्यालय के प्रधानाचार्य सुदर्शन सिंह कुशवाहा, उप-प्रधानाचार्य राकेश पांडेय, प्राइमरी इंचार्ज हरि सिंह कुशवाहा, वरिष्ठ शिक्षक सुरेश प्रसाद चौरसिया एवं दिनकर सिंह सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय बसंती देवी के व्यक्तित्व, उनके त्याग, संघर्ष एवं शिक्षा के प्रति समर्पण को भावपूर्ण ढंग से याद किया गया। श्रद्धांजलि सभा का वातावरण भावुक एवं श्रद्धापूर्ण रहा।
स्वर्गीय बसंती देवी की दसवीं पुण्यतिथि के पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
