गाजीपुर। जिले में उर्वरक की दुकानों पर कृषि विभाग की जांच और निगरानी लगातार जारी है। इसी क्रम में सेवराई तहसील क्षेत्र में एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में अनियमितता मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि उप जिलाधिकारी सेवराई और जिला कृषि अधिकारी ने संयुक्त रूप से मेसर्स विजय खाद भंडार, गहमर, विकासखंड भदौरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि विक्रेता द्वारा स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का नियमित रूप से अंकन नहीं किया जा रहा था। मामले में जिलाधिकारी गाजीपुर के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सेवराई गजराज सिंह यादव की जांच आख्या के आधार पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। कृषि विभाग की ओर से जिले में उर्वरक की दुकानों पर लगातार भ्रमण और निगरानी की जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उर्वरक का वितरण किया जाए। किसानों से अपील की गई है कि वे आवश्यकता से अधिक उर्वरक का भंडारण या खरीद न करें और वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। जरूरत से अधिक उर्वरक के इस्तेमाल से खेती की लागत बढ़ने के साथ मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कृषि विभाग ने बेहतर गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद के लिए हरी खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे विकल्पों के प्रयोग की सलाह दी है।
