बलिया के गोसाईंपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं में पहुंचे सपा प्रमुख, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

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बलिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं सपा के राष्ट्रीय सचिव रहे स्वर्गीय राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं में शामिल होने बलिया के गोसाईंपुर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने अयोध्या, सनातन धर्म, महंगाई, बेरोजगारी और भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी।

अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात को बताया राजनीतिक सलाह….

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात पर अखिलेश यादव ने कहा कि इसे चुनौती नहीं, बल्कि राजनीतिक सलाह के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अयोध्यावासियों के बीच इतने आश्वस्त हैं और यह मानते हैं कि वहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, तो उन्हें अगला चुनाव अयोध्या से लड़ना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि अयोध्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाला शहर बन सकता था। भाजपा ने इसे वेटिकन सिटी से भी बेहतर बनाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर अयोध्या के लोगों के साथ भेदभाव हुआ है। कई लोगों की दुकानें और मकान छीने गए तथा जमीनों के बदले उन्हें उचित बाजार मूल्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अयोध्यावासी विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

‘सनातन का रास्ता सेवा और भाईचारे का’….

अयोध्या दर्शन नहीं करने को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें ढोंगी कहे जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, तो वे खुद अपने आचरण पर विचार करें। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सत्य, सेवा, समाजवादी विचार, बिना भेदभाव और भाईचारे का रास्ता दिखाता है। सनातन की भावना वसुधैव कुटुम्बकम की है, जिसके अनुसार पूरी धरती एक परिवार है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर नफरत और समाज में खाई पैदा करने वाले लोग सनातन की मूल भावना के विपरीत काम कर रहे हैं।

मंदिर के चढ़ावे की चोरी का उठाया मुद्दा…

अखिलेश यादव ने मंदिरों में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि श्रद्धालु आस्था के साथ चढ़ावा चढ़ाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि मंदिरों में चढ़ावे की चोरी हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों पर भी सवाल उठाए।

महंगाई, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा…

सपा प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2027 में राजनीतिक परिवर्तन होने जा रहा है। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने, महंगाई और अर्थव्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने बलिया के नरही थाने से जुड़े कथित एथेनॉल मामले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई भी चर्चा में रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर चुनौतियों से घिरी है। उन्होंने अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों की नौकरियों पर संभावित प्रभाव और अमेरिकी बाजार के लिए भारतीय बाजार खोलने से किसानों तथा दुग्ध उत्पादकों को होने वाले नुकसान की आशंका भी जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं, तो स्थानीय दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा कैसे होगी।

‘मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया का क्या हुआ?’…

मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के आयात का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी पहलों पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने बलिया में सरकारी स्कूलों के बंद होने का दावा करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं और आपातकालीन सहायता व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा।

नदियों की सफाई और जलभराव पर भी उठाए सवाल….

अखिलेश यादव ने गंगा की सफाई, नदियों की ड्रेजिंग और डिसिल्टिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नदियों की नियमित सफाई और गाद निकालने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसका असर जलभराव के रूप में सामने आता है। उन्होंने लखनऊ में हुए जलभराव का जिक्र करते हुए सरकार से बाढ़ और जलनिकासी की समस्याओं पर प्रभावी काम करने की जरूरत बताई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी की तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने अपने संबोधन और मीडिया बातचीत के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों पर कई सवाल उठाए। उनके बयान में अयोध्या के विकास, धार्मिक सद्भाव, रोजगार, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे प्रमुख रहे।