विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला आयोजित

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गाजीपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राजकीय गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, रौजा के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यशाला एवं व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में मनो-दैहिक दृष्टिकोण अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष की थीम ‘जीने के अनुभवों को सुना जाए: वास्तविक आवाजें, वास्तविक परिवर्तन’ रही। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्राचार्य एवं विषय विशेषज्ञ प्रो. डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्वास्थ्य संबंधी अवधारणा में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक और सामाजिक कल्याण भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मानसिक विकारों को लेकर सामाजिक कलंक और झिझक के कारण कई लोग समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं ले पाते। इस स्थिति को बदलना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यशाला में मानसिक रोगों की रोकथाम के लिए जीवनशैली में सुधार, योग, तनाव प्रबंधन और समय पर परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक तनाव का उच्च रक्तचाप, मधुमेह और पाचन तंत्र संबंधी समस्याओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में मरीजों के उपचार के दौरान मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, दोनों पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं के बीच बढ़ते स्क्रीन टाइम तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से उत्पन्न चिंता और अवसाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने की सलाह दी। इस अवसर पर डॉ. सुबोध त्रिपाठी, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. नितिन त्यागी, डॉ. विवेक पांडेय और डॉ. सुधीर चौहान ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं एवं चिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने की शपथ ली।