उर्वरक संकट को लेकर किसान महासभा ने सौंपा ज्ञापन

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गाजीपुर। अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सोमवार को गाजीपुर में उर्वरक संकट समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।

इस मौके पर अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के कारण देश का किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहा है। घाटे की खेती के चलते खेत मालिकों द्वारा खेती नहीं की जा रही है और गांवों में बड़ी संख्या में खेती पेशगी या बंटाई पर हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्ज के बोझ से किसान परेशान हैं और आत्महत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने आरोप लगाया कि अमेरिकी ट्रेड डील के जरिए किसानों पर एक और बड़ा हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ देशभर के किसान एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, महासभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने गाजीपुर में खाद की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर दबंगों का कब्जा है और बाजार में किसानों को खाद निर्धारित कीमत से डेढ़ से दोगुने दाम पर खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बंटाईदार किसानों की स्थिति और भी गंभीर है। ज्ञापन देने वालों में ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, रामबदन बिंद, प्रमोद कुशवाहा और योगेंद्र भारती समेत अन्य लोग शामिल रहे। किसानों ने उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की।