गाजीपुर। सत्यदेव डिग्री कॉलेज, गांधिपुरम बोरसिया फदनपुर के प्रांगण में आज भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. सानंद कुमार सिंह ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सानंद सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक क्रांति के प्रणेता थे, जिन्होंने समाज के सभी वर्गों को सम्मान दिलाना शुरू किया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की बुद्धि और ज्ञान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति विश्व में कभी-कभी ही पैदा होते हैं, जो समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर एक सच्चे राष्ट्रभक्त, समाजसेवी और लोगों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील थे। उन्होंने जोर दिया कि समाज में स्थान बनाने के लिए व्यक्ति को डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व की तरह समाज के प्रति समर्पित होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर लोकतंत्र के प्रबल समर्थक थे और विधि के शासन में उनका दृढ़ विश्वास था। उनका मानना था कि जब तक सामाजिक व आर्थिक लोकतंत्र स्थापित नहीं होगा, तब तक राजनीति का कोई मूल्य नहीं है। वे सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों के समर्थक थे और जीवनपर्यंत उनकी उन्नति के लिए संघर्ष करते रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार सिंह और अन्य विद्वान प्रवक्ताओं ने भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के उप प्राचार्य नवनीत कुमार वर्मा, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. कृपाशंकर सिंह, जैस कुमार सिंह, डॉ. आलोक कुमार वर्मा, आशीष श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, रविंद्र सिंह यादव, अखिलेश वर्मा, शैलेश आनंद और डॉ. मनीष पांडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सत्यदेव डिग्री कॉलेज में अंबेडकर जयंती मनाई गई
