लिखित आश्वासन के बावजूद नही सुधरी बिजली व्यवस्था, डीएम-एसपी को सौंपा ज्ञापन

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गाज़ीपुर। मैनपुर विद्युत उपकेंद्र से प्रभावित छः ग्राम पंचायतों के प्रधानों व ग्रामीणों का हस्ताक्षर युक्त पत्रक डीएम-एसपी को दिया गया। क्षेत्र में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने व स्थानीय युवकों पर दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि 21 मई को हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान प्रतिदिन 18 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन विभागीय अधिकारी ने दिया था। जिसका पालन नही किया जा रहा है। अनियमित बिजली आपूर्ति की जा रही है। विशेषकर रात्रि के समय लंबे समय तक बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फाल्ट होने पर कर्मचारी समय से नहीं पहुंचते, जिसकी वजह से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। बिजली के अभाव में सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में बिजली कटौती की शिकायत लेकर उपकेंद्र पहुंचे दो युवकों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद कर्मचारियों ने युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। उनका कहना है कि यदि उसी समय दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई जाती तो विवाद बढ़ने से रोका जा सकता था। कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने व अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोनों पक्षों के बीच संवाद के माध्यम से स्थायी समाधान कराने। विभाग द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के अनुरूप नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मैनपुर उपकेंद्र से प्रभावित पांचों ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और क्षेत्रवासी जनहित में पुनः शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर राजकुमार सिंह, अंकुर कुमार सिंह अनुराग, आलोक सिंह टिंकू, अमन सिंह, तनु दुबे, सल्लू सिंह, रितेश सिंह, गोलू सिंह, निखिल सिंह, गोलू आर्या आदि मौजूद रहे।