गाजीपुर में जर्जर शिरोपरि जलाशयों का हो रहा ध्वस्तीकरण

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गाजीपुर। जनसुरक्षा और पेयजल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जनपद में जर्जर एवं निष्प्रयोज्य शिरोपरि जलाशयों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी गई है। जल निगम ग्रामीण के अनुसार जनपद में कुल 38 शिरोपरि जलाशयों का ध्वस्तीकरण कर उनके स्थान पर नए जलाशयों के निर्माण का प्रस्ताव है। इनमें से 27 जलाशयों का ध्वस्तीकरण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 11 जलाशयों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी बाकी है।

इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को आलमपट्टी स्थित कैथवालिया-बिन्दवालिया पेयजल योजना के शिरोपरि जलाशय को भी ध्वस्त किया गया। विभाग के अनुसार उक्त जलाशय का निर्माण वर्ष 1979 में हुआ था और लंबे समय से पुराना एवं जर्जर अवस्था में होने के कारण इसके ध्वस्तीकरण की आवश्यकता थी। निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इसे ध्वस्त किया गया।

विभाग का कहना है कि जर्जर जलाशयों से संभावित दुर्घटनाओं के खतरे को समाप्त करना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य है। शेष जर्जर जलाशयों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर जारी है। नए जलाशयों के निर्माण से जनपद में सुरक्षित एवं सुचारु पेयजल व्यवस्था के साथ जनसुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।