चच्चा मुसलमान को गृहमंत्री बना रहे बच्चा मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर देते- ओमप्रकाश

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-गाजीपुर। यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जातीय जनगणना, आरक्षण और समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गाजीपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, जबकि सरकार का काम अपना काम करना है। जातिवार जनगणना को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इसकी घोषणा किए जाने के बाद विपक्ष में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई।

वहीं, आर्थिक आधार पर आरक्षण के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जो व्यक्ति डीएम, एसपी, मुख्यमंत्री, राज्यपाल या राष्ट्रपति बन चुका है, उसे आरक्षण की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने गरीबों और वंचितों को ऊपर उठाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाना है, जो अभी तक उससे बाहर हैं। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण का लाभ पा चुके लोग ही लगातार इसका लाभ लेते जा रहे हैं, जबकि गरीब और जरूरतमंद पीछे छूट रहा है।

उन्होंने आरक्षण व्यवस्था के वास्तविक लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंचाने की जरूरत बताई। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकारों में जो राजनीतिक संस्कृति बनी, वही आज सपा में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में अपराधियों के खिलाफ मुकदमे तक दर्ज नहीं किए जाते थे। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सामने आ रही कई आपराधिक घटनाओं में सपाइयों के नाम सामने आ रहे हैं।

शिवपाल यादव द्वारा आजम खान को गृहमंत्री बनाए जाने वाले बयान पर भी ओमप्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब से यह बयान आया है, तब से उनके चेले उपद्रव पर उतर आए हैं। राजभर ने कहा कि मुसलमानों ने वोट देकर चार बार यादव को मुख्यमंत्री बनाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर चच्चा मुसलमान को गृहमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं, तो बच्चा मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा भी कर देते।

गाजीपुर की राजनीति को लेकर भी ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उनकी बदौलत गाजीपुर की सभी सातों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर गाजीपुर की सियासत में सुभासपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।