गाजीपुर। कम आपूर्ति व अनियमित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने करंडा ब्लाक के मैनपुर गांव स्थित विद्युत उपकेंद्र के गेट में ताला बंद कर धरने पर बैठ गये। अधिकारीयों के उपकेंद्र पर आने से साफ मना करने व एफआईआर करवाने की बात से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सभी कर्मचारियों को ताला में बंद कर धरने पर बैठ गये। करंडा क्षेत्र में छोटे-बड़े पचास गांव है। इन गांवों मैनपुर, करंडा, चोचकपुर व सइतापट्टी उपकेंद्र विद्युत आपूर्ति की जाती है। लगभग एक सप्ताह से व इधर तीन दिन से बेतहाशा अघोषित विद्युत कटौती ग्रामीण जनता बेहाल है। प्रतिदिन की परेशानी झेलते स्थानीय ग्रामीण सुबह दस बजे उपकेंद्र पर पहुंच गये। जिम्मेदार अधिकारियों को उपकेंद्र बुलाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि जेई के फोन न उठाने पर एसडीओ को फोन लगाया गया उन्होंने समाधान या आश्वासन की जगह सभी पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही। एफआईआर की बात सुनते ही ग्रामीण भड़ककर धरने पर बैठ गये। देखते ही देखते आस-पास के सैकड़ों ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंच गये। मैनपुर निवासी अनुराग सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति न के बराबर हो रही है। पिछले 24 घंटे में मात्र ढाई से तीन घंटा बिजली कटते-पिटते मिली है। सुबह दस बजे से हम लोग उपकेंद्र पर आये हुए है। पिंटन सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति में समस्या है, परंतु पिछले तीन दिन से अंधाधुंध कटौती हो रही है। बुधवार की रात्रि आठ बजे कटी बिजली भोर में साढ़े तीन बजे आयी। बूढ़े और बच्चे उमस भरी गर्मी से बिलबिला रहे थे। धरना स्थल पर नायब तहसीलदार व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच तो प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांग पर कायम रहे। लगभग सात घंटे बाद अधिशासी अभियंता व एसडीओ कन्हैया लाल गुप्ता आदि पहुंचे। 18 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिखित आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ
मनमानी विद्युत कटौती को लेकर ग्रामीणों ने पावर हाउस पर किया प्रदर्शन
